| Navodayan friendship |
Navodaya वालो की यारी के basic फंडे -
1 अच्छे time मे दोस्तो की वाट लगाना लेकिन बुरे वक्त मे हमेशा साथ देना।
2 Friend के birthday पर कोई उसे gift देता है लेकिन Navodaya वाले बुरे तरीके से पिटते है।
3. Hostel को kitchen, playground, study room, dance club, comedy show, WWE बनाना -
4. homework बाकी होने से मार खाते दोस्त को देखकर celebrate करना पर फिरभी पक्की दोस्ती रखना।
5. इसलिए कहते है - Navodaya की यारी सब पे भारी।
Navodayan यारी फंडे in detail -
1. कैसे navodayan अच्छे time मे band बजाते है -
जब भी भुख लगे रात को सोते समय चुपचाप दुसरो का ड़ब्बा खोल कर नाश्ता खाना तो उनका धर्म है। खुदका और दोस्तों का तो नाश्ता जल्दी ही पूरा करके जूनियर को भी बहलाकर नाश्ता खा लेते हैं। ऐसे होते हैं नवोदयन। घर पर मम्मी इतने प्यार से हमें सुबह उठाती है लेकिन यहां सुबह PET के समय एक दोस्त अपने दूसरे दोस्त को थप्पड़ मार-मार कर उठाता है दोस्ती कहां मिलती है।
कइ बार तो रविवार या छुट्टी के दिन सुबह उठने से पहले ही bed के आसपास मंडराते हुए कई ऐसी अजीब आवाज निकाल कर बोलते है मेरा दोस्त मर गया रे!!!! बिचारा बहुते बढ़िया था! यार जिंदा इंसान को मरा हुआ बोलकर मजाक करते है भई!।। ऐसे नालायक दोस्त कहा मिलेंगे ?
अच्छे समय में तो बहुत बुरे तरीके से वाट लगाते हैं पर यह भी सनातन सत्य है कि नवोदय वाले अपने दोस्त के बुरे समय में सबसे आगे खड़े होते हैं और नवोदय की यारी इसीलिए फेमस है। नवोदय वाले चाहे कहीं भी हो कहां भी बिजी हो लेकिन अब लेकिन अपने दोस्त के बुरे समय में साथ देने जरूर पहुंच जाते हैं।
2. कैसे Friend के birthday पर Navodaya वाले बुरे तरीके से पिटते है -
किसी के बर्थडे पर हम जल्दी सुबह या रात 12:00 बजे विश करने जाते हैं लेकिन नवोदय वाले रात को 12:00 बजे उस को पीट ने जाते है। पिटने में भी कोई कसर नहीं छोड़ते। कोई एनसीसी के shoes पहनता है तो कोई sports shoes पहनता है। किसी के पास यह भी available ना होने पर school shoes पहन के चले जाते हैं। फिर बर्थडे बॉय को दोनों हाथों से और दोनोंं पैरों से पकड़ कर फिर उसे पिछवाड़े पर मारना चालू करते हैं। बिचारा birthday boy!! अब ऐसे बर्थडे सेलिब्रेशन नवोदय वालेे ही कर सकते हैं। है ना लाजवाब यारी?
वैसे तो खुद ही मारते है लेकिन कोइ बाहर वाला सिर्फ अपने दोस्त को touch करके तो दिखादे!! खुद बढिया से मरम्मत करते है लेकिन कही और से चोट लगने पर सबसे पहले वही छिछोरे navodayan दोस्त खड़े होते है जो अच्छे time मे वाट लगाया करता था। ऐसे होते है navodayan.
3. Hostel को kitchen, playground, study room, dance club, comedy show, WWE बनाना -
Navodayan के पास इतना टैलेंट होता है कि एक रूम को ही बहुत कुछ बना देते हैं। नवोदय वाले हॉस्टल को किचन भी बना लेते हैं। जी हां! दोस्तों के बर्थडे की सेलिब्रेशन करने के लिए वह रात मे सब्जी भी बनाया करते हैं। रोटी mess में से निकाल लेते हैं। सब्जी खुद बनाकर किसी तरह खाने का जुगाड़ कर लेते हैं। इस तरह हॉस्टल को किचन भी बना देते हैं।
अब बात करें प्लेग्राउंड की तो जब टीचर संडे को दोपहर को बाहर खेलने नहीं देते तब और दोपहर खाने के बाद अपने दोस्तों के साथ मिलकर दरवाजे स्टंप बनाकर, अपने स्टडीपैड को bat बनाकर, cello tape के क्रिकेट बॉल के साथ क्रिकेट खेलते हैं। इस तरह प्लेग्राउंड भी बना लिया
अब किसी तरह टीचर के कहने में आकर स्टडी रूम तो बनाना ही था। हाउस मास्टर के अटेंडेंस लेने के आने से पहले वह पढ़ने बैठ जाते थे। इस तरह स्टडी रूम भी बन गया
अब रही बात करे डांस की उसमें तो नवोदय वाले कुछ बाकी नहीं छोड़ सकते। चाहे exam अच्छी जाए या खराब लेकिन सेलिब्रेशन तो बनता है बॉस। थालीयों को ढोल बनाकर अपने हाथ पैरों की रफ्तार से नाचना शुरू करते देते है। इस तरह हॉस्टल को डांस क्लब भी बना लिया।
नवोदय वाले बातें करने में भी माहिर होते हैं। नवोदय में कई टैलेंट देखने को मिल जाते हैं, इनमें से एक है हंसाना कई कपिल शर्मा मिलकर गप्पे मार कर दूसरों को हंसाते हैं। रात को खाना खाने के बाद थोड़ा कुछ टाइम बचता है तब वह गप्पे मारना शुरू कर देते हैं। सिर्फ इस समय ही नहीं वह जब भी समय मिले तब गप्पे बाजी शुरू कर देते हैं। इस तरह हॉस्टल को कॉमेडी शो भी बना लिया।
अब जब hostel में टीवी नहीं होती और wwe देखने का मन हुआ हो तो लाइव wwe अपनी हॉस्टल में ही शुरु कर देते हैं। फ्लोर पर गद्दे बिछा देते हैं और दो - दो कि जोड़ी में कुश्ती करते हैं और wwe खेलते हैं। कोई रोमन रेंस बनता है, तो कोई द ग्रेट खली बनता है। इस तरह होटल को wwe भी बना लेते हैं।
4. homework बाकी होने से मार खाते दोस्त को देख हंसना पर फिरभी पक्की दोस्ती
यह तो हुई हॉस्टल की बात। school मे भी कोई कसर नहीं छोड़ते जब टीचर homework चेक करते हैं तब किसी दोस्त का होमवर्क बाकी हो और टीचर उसे मारना चालू करें। तो उसे देखकर दूसरे दोस्त ऐसे मजे लेते हैं जैसे कि टीचर और स्टूडेंट का कपिल शर्मा शो चल रहा है। देखकर हंसते हैं यही नहीं मार खाने वाले को भी हंसाने का प्रयास करते हैं।
Navodaya life कैसी होती है -
वैसे तो हॉस्टल लाइफ बहुत ही मजेदार होती है लेकिन उसमें भी नवोदय की हॉस्टल की लाइफ की बात ही क्या करूं। जब हम 6th class में वहां जाते हैं तब हमें घर आने का बहुत ही मन होता है। इतनी छोटी उम्र मे घर छोड़ना हर किसी बच्चे के लिए बहुत बड़ी बात है।
नवोदय का वातावरण, नवोदय की पढ़ाई, नवोदय की हर एक बात बहुत ही शानदार होती है। लेकिन छोटे बच्चे के लिए अपने मां-बाप सब कुछ होने के कारण उसे अपने घर से दूर रहना बहुत ही कठिन लगता है लेकिन जैसे-जैसे नवोदय में दिन बीते हैं, नए-नए दोस्त बनते हैं, यादें बनती है, ऐसे माहौल में बंद जाते हैं कि मानो यह एक हमारा दूसरा घर है। धीरे-धीरे नवोदय हमारे लिए स्वर्ग बन जाता है। नवोदय में मजे करना, नवोदय का खाना खाना, नवोदय में पढ़ाई करना, नवोदय में अपना 12वीं कक्षा तक का जीवन बिताना हर किसी के किस्मत मे नही होता। कुछ ही लोग नसीबदार होते हैं जो इस सुख को पाते हैं।
Really नवोदय लाइफ बहुत ही मजेदार होती है और Navodaya की value वही बता सकता है, जो नवोदय में से 12वीं कक्षा पास करके निकल चुके हैं। उन्हीं को पता होता है नवोदय का क्या मूल्य होता है।
Conclusion -
तो सिर्फ इस trailer से आपको समझ मे आ गया होगा कि Navodaya valo ki dosti kaise alag hoti hai, Navodaya की value kya hai. तो ऐसी होती है Navodaya वालो की friendship या dosti और life. ये सब मे आपको बता सकता हु क्योकि मैंने भी Navodayan life जीया है। अगर आप भी नवोदय से हो तो comment जरूर करे और आपकी navodayan journey को भी दो शब्दो द्वारा comments मे share करे।

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